एंड्रॉयड फोन में मालवेयर है या नहीं, पता कर इस तरह करें डिलीट

एंड्रॉयड फोन में मालवेयर है या नहीं, पता कर इस तरह करें डिलीट


क्या आपका एंड्रॉयड फोन अचानक काफी धीमा चलने लगा है? या फिर काफी अधिक डाटा का इस्तेमाल करने लगा है? लेकिन आपको फोन की इस दिक्कत का कारण समझ नहीं आ रहा है। बता दें कि, आपके फोन की इस समस्या का कारण कोई एप हो सकती है, जो मैलवेयर या रैनसमवेयर जैसे वायरस के साथ आई हो। दरअसल, ऑनलाइन कुछ ऐसी एप्स मौजूद हैं जो धोखे से आपके फोन में वायरस को पहुंचाती हैं। इसके बाद ये एप्स आपके फोन से डाटा चोरी करती हैं। यदि आप भी इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो हम इस रिपोर्ट में इसका समाधान बताने वाले हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि एंड्रॉयड मैलवेयर का पता कैसे लगाएं और इसे फोन से कैसे हटाएं।


1. फोन को बंद कर दें
डिवाइस में मैलवेयर के अटैक का पता चलते ही फोन के पावर बटन को प्रेस कर फोन को पूरी तरह से ऑफ कर दें। फोन को बंद करने से ये मैलवेयर फोन में मौजूद दूसरी एप्स को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। साथ ही, फोन ऑफ होने से मैलवेयर अपने नजदीकी नेटवर्क का उपयोग नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, फोन में होने वाली समस्या को पहचानने के लिए आप किसी दूसरे कंप्यूटर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर आपको कोई विकल्प नहीं मिलता है तो फोन को फिर से ऑन कर दें। कुछ एंटी-मैलवेयर एप्स ऐसे हैं जो आपके फोन की समस्या को पहचान कर उसका समाधान करते हैं।
2. फोन को इस्तेमाल करते वक्त इसे सेफ/ इमरजेंसी मोड में स्विच करें
फोन को ऑन करने के बाद इसे सबसे पहले सेफ मोड में स्विच करें। यह आपकी डिवाइस को ज्यादा डैमेज होने से बचाएगी। अधिकांश एंड्रॉयड डिवाइस के लिए, आप अपने डिवाइस को ऑन करने के बाद कुछ सेकेंड के लिए पावर बटन दबाकर सेफ मोड पर स्विच कर सकते हैं। इस मोड को चुनें और फोन के रिबूट होने का इंतजार करें।

नोट : फोन में सिक्योरिटी एप डाउनलोड करने के बाद भी अगर आपके फोन में मैलेवयर की समस्या है तो फोन को किसी प्रोशेनल के पास ले जाएं।

3. सेटिंग में जाएं और एप को सर्च करें
अपने एंड्रॉयड डिवाइस की सेटिंग मे जाएं। सेटिंग में जाकर एप सेक्शन में जाएं। वहां अपनी हाल ही की एप्स की लिस्ट को खोजें। इसके लिए आपको एप मैनेजर की जरुरत हो सकती है। जब तक आपको वह संक्रमित एप नहीं मिल जाती, तब तक स्क्रॉल करते रहें। एप को खोजने के बाद इसे अनइंस्टॉल करें या फोर्स स्टॉप कर दें।
4. संक्रमित एप के साथ किसी भी संदिग्ध चीज को डिलीट कर दें
अपने फोन को किसी भी संक्रमित चीज से बचाने के लिए बस अनइंस्टॉल को चुनें। इसके साथ ही, एप लिस्ट का रिव्यू करें और किसी भी संदिग्ध एप या डाउनलोड को अनइंस्टॉल कर दें। हो सकता है कि आपके फोन में ऐसी कुछ चीजें भी डाउनलोड हो गई हो जिनके बारे में आपको पता न हो।

नोट : अगर आपके फोन से एप अनइंस्टॉल नहीं हो रही है तो आप डिसेबल विकल्प का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कुछ ऐसे मैलवेयर या रैनसमवेयर होते हैं जो आपके फोन के एडमिनिस्ट्रेटर सेटिंग में जाकर छुपे होते हैं। हालांकि, इसे आप आसानी से फिक्स कर सकते हैं। इसके लिए, फोन के सेटिंग मेन्यू में जाएं और लॉक स्क्रीन और सिक्योरिटी पर नीचे स्क्रॉल करें। सिक्योरिटी मेन्यू में, फोन एडमिनिस्ट्रेटर सेक्शन में जाएं। आपके फोन के सिक्योरिटी मेन्यू को कैसे सेट किया गया है इसके लिए आपको पहले " Other security settings" पर जाना पड़ सकता है।

5. फोन में मैलवेयर प्रोटेक्शन को डाउनलोड करें
फोन को मैलवेयर से सुरक्षित रखने के लिए प्रोटेक्शन एप को अपने फोन में डाउनलोड करें। ऑनलाइन कई सिक्योरिटी एप्स मौजूद हैं जो आपके फोन को वायरस से बचाते हैं, वायरस को स्कैन करते हैं और जंक फाइल से छुटकारा दिलाते हैं। अपने फोन से संक्रमित एप को डिलीट करने के बाद डिवाइस में सिक्योरिटी प्रोग्राम को डाउनलोड करें, जो भविष्य में आपके फोन को मैलवेयर जैसे वायरस से बचाएंगे। गूगल प्ले स्टोर में 360 Security या Avast Security या AVG Antivirus जैसी कईं सिक्योरिटी एप्स मौजूद हैं।

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